5G तकनीक ।।





कुछ दिन पहले लोकडाउन्न लगा। लगते ही हम सब मोबाइल tv में व्यस्त हो गए। बहुत सी सूचना हमे मोबाइल पर मिलती रहती है। फिर मुझे एक दोस्त ने ग्रुप में एक  मेसेज डाला । लिखा था "5G हमारे लिए नुकसानदायक" टाइटल से में भी डर गया क्योंकि शुरू में 4G कि खबरों ने भी डराया था। सोच रहा था टावर पास के मोहल्ले में है। सारी रेडिएशन मुझ में ना  आ जाए। सर चकरा गया। इस वायरल खबर कि जांच कर मन मे बैठे रेडिएशन को बाहर निकाला जाए।
                                             

अगले दिन रिपोर्ट देखने शुरू किया पहले तो 4G चला रहे थे ।अब दोस्त ने 5g से भी डराया था।फिर देखना शुरू किया ।


5G क्या है:
                5G एक फिफ्थ जनरेशन की तकनीक है जिसकी स्पीड गीगाहर्टज पर सेकंड में होती है। 
गौरतलब है कि 4G कि स्पीड megahertz पर सेकंड में थी। सरल भाषा मे कहे तो जो अगर हमे कोई फ़िल्म 4G से डाउनलोड करते थे तो 5 से 10 मिनट लगते पर 5G से ये काम 3 सेकंड में भी हो जाएगा। इससे हमारा समय और डाटा दोनों बचेगा। स्पीड भी 2.5 ghps से ज्यादा रहेगी। क्यो दोस्तो है ना जादू। स्पीड को देखकर लगता हैं हम तो इतने दिन अंधेरे में ही रहे थे।याद आया
दोस्त कि बात का उत्तर तो अब देना था। इसने तो हमे रेडिएशन से डरा डरा कर कोरोना को भी पीछे छोड़ दिया। अब तो डर कोरोनो से कम रेडिएशन से लगने लगा था।



5G  से हमे क्या नुकसान होता है ? 



अब तो मन डरने लगा कभी लगता था मोहल्ले् के टावर को रात में उखाड़ कर कहि दूसरी जगह रख दे ।  अफवाह ये फेली बहुत से .पक्षषियों (बर्ड) कि मौत हो गयी है। कारण था 5G की टेस्टिंग । लेकिन रिपोर्ट से पता चला केवल x रे की कि किरणो से ओर प्रकाश कि किरणो  से ही नुकसान होता है। 5g का रेडिएशन मानव पर ज्याया पृभाव  नही डालता । ये अफवाह ही हैंं। ब्रिटेन ओर अमेरिका के शहरोंं मेंं ये अफवाह उड़ी । लेकिन विज्ञान ने इसको नकारा है। ये जरूर है अधिक रेडिएशन से खतरा हो सकता हैंं। 


5G भारत कब आएगी? 



  
प्रधानमंत्री ने 1अक्टूबर 2022 को 5g सेवा लॉन्च की है ।
पहले चरण में 13 शहरों में सेवा शुरू की जाएगी।
2023 24 तक देश मे सभी कम्पनी 5g कवरेज पूरा करेगी।



सरकार की मंजूरी : 
सरकार ने 19 मई को मोबाइल कंपनियों के 13 आवेदनों को मंजूरी दे दी है। साथ ही 700 mhz एयरवेव का इस्तेमाल किया जाएगा। उम्मीद है 2021 के अंत मे 5g शुरु हो जाएगी। सरकारी उपक्रम bsnl भी इस प्रकिया में शामिल हैं। जिओ अपने खुद की टेस्टिंग प्रयोग कर रही है। बाकि के ऑपरेटर ने निजी कम्पनियों से हाथ मिलाया है। 




स्पीड बढ़ाने के लिए छोटे सेल कि आवश्यकता होगी:
5g तकनीक के लिए ज्यादा स्पीड के लिए कम्पनियों को ज्यादा छोटे सेल स्थापित करने होंगे। जिससे कवरेज ओर स्पीड दोनों बढ़ सकते हैं। इससे दूरदराज के इलाकों को भी फायदा मिलेगा।

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